Jyothi Yarraji आज भारतीय एथलेटिक्स की सबसे चमकती हुई स्टार में से एक हैं। सरल पृष्ठभूमि से आकर इंटरनेशनल लेवल तक पहुँचना अपने-आप में एक बड़ी प्रेरणा है। 100 मीटर हर्डल्स में उनका प्रदर्शन इतना शानदार है कि उन्हें भारत की तेज़-तर्रार रानी भी कहा जाने लगा है।
1. शुरुआती जीवन – संघर्ष और सपनों से भरी कहानी
Jyothi Yarraji का जन्म 28 अगस्त 1999 को विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में हुआ। उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था। इन सबके बीच Jyothi Yarraji ने खेल के प्रति अपना जुनून कभी कम नहीं होने दिया। स्कूल के दिनों में ही उनकी दौड़ में गति देखकर कोचों ने उन्हें hurdles आज़माने की सलाह दी। बस वहीं से उनकी एथलेटिक्स यात्रा शुरू हो गई। बाद में उन्होंने आंध्र यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और वहीं से प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी जारी रखी।
2. करियर की शुरुआत और बड़ा ब्रेकथ्रू
2022 – रिकॉर्ड्स का साल
2022 Jyothi Yarraji के लिए किसी सपने से कम नहीं था। इस साल उन्होंने:
- 12.82 सेकंड में भारत का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।
- फिर लगातार कई बार अपने ही रिकॉर्ड को बेहतर किया
- उनकी टाइमिंग 12.87, 12.84, 12.79 तक पहुँच गई
एक ही साल में 6–7 बार नेशनल रिकॉर्ड तोड़ना भारतीय एथलेटिक्स में बेहद दुर्लभ है, और यही चीज़ Jyothi Yarraji को स्पॉटलाइट में ले आई।
3. एशियन चैंपियनशिप 2023 – गोल्ड मेडल
2023 में Jyothi Yarraji ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। यह उनकी पहली बड़ी इंटरनेशनल जीत थी जिसने उन्हें एशिया की टॉप महिला हर्डलर बना दिया।
4. एशियन गेम्स 2023 – संघर्ष, ड्रामा और सिल्वर मेडल
Asian Games 2023 में Jyothi के साथ एक बड़ा ड्रामा हुआ।
उन्हें फॉल्स स्टार्ट के कारण डिसक्वालिफाई कर दिया गया। लेकिन बाद में पता चला कि फॉल्स स्टार्ट उनका नहीं था। उनके विरोध के बाद उन्हें फाइनल में वापस शामिल किया गया और शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। उनकी इस लड़ाई ने उनके जज़्बे और ईमानदारी दोनों को साबित किया।
5. Jyothi Yarraji Records (महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ)
| उपलब्धि | विवरण |
|---|---|
| 100m hurdles – नेशनल रिकॉर्ड | 12.82 सेकंड |
| एशियन चैंपियनशिप (2023) | गोल्ड |
| एशियन गेम्स (2023) | सिल्वर |
| नेशनल रिकॉर्ड 7 बार तोड़ा | 2022–23 |
# उनकी टाइमिंग एशिया की टॉप एथलीटों के बराबर पहुँच चुकी है।
6. ट्रेनिंग और उनकी सबसे बड़ी ताकतें
1. तेज़ स्टार्ट
स्टार्टिंग ब्लॉक से निकलते ही उनकी स्पीड बेहद दमदार होती है।
2. हर्डल तकनीक
उनकी hurdle clearance बहुत smooth है, जिसकी वजह से वे गति खोती नहीं हैं।
3. मजबूत फिनिश
आखिरी 20-30 मीटर में वे अपनी टॉप स्पीड पर पहुँच जाती हैं।
7. Jyothi Yarraji से जुड़े दिलचस्प तथ्य
1. मिडिल-क्लास बैकग्राउंड से इंटरनेशनल स्टार तक
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी रुकने नहीं दिया।
2. एक साल में 7 बार नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा
यह भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में कम ही देखने को मिलता है।
3. सोशल मीडिया पर बहुत कम एक्टिव रहती हैं
वह अपना पूरा फोकस केवल ट्रेनिंग पर रखती हैं।
4. एक समय नौकरी छोड़कर फुल-टाइम एथलीट बनने का जोखिम उठाया
उनके इस फैसले ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी।
5. उनका लक्ष्य – ओलंपिक मेडल
वह खुले तौर पर कह चुकी हैं कि उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना ओलंपिक मेडल जीतना है।
भविष्य और भी शानदार होगा
Jyothi Yarraji न सिर्फ भारत की सबसे तेज़ महिला हर्डलर हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा भी हैं। उनका संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास दिखाता है कि जुनून हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। आने वाले सालों में Jyothi का नाम और रिकॉर्ड दोनों और भी जगमगाएँगे और संभव है कि भारत की तरफ से ओलंपिक में एक नया पदक दिलाने वाली उमीदवार बने।
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FAQ
1. Jyothi Yarraji का राष्ट्रीय रिकॉर्ड क्या है?
Jyothi Yarraji का 100m hurdles में नेशनल रिकॉर्ड 12.82 सेकंड है।
2. Jyothi Yarraji ने Asian Games 2023 में कौन सा मेडल जीता?
उन्होंने सिल्वर मेडल जीता।
3. Jyothi Yarraji किस राज्य से हैं?
वह आंध्र प्रदेश (विशाखापट्टनम) से हैं।
4. Jyothi Yarraji का सबसे बड़ा लक्ष्य क्या है?
उनका प्रमुख लक्ष्य ओलंपिक मेडल जीतना है।















