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उत्तराखंड में उपनल कर्मियों को बड़ी राहत: 10 साल सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा समान वेतन

On: February 4, 2026 5:33 PM
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Uttarakhand UPNL Employees: उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (UPNL) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब वे कर्मचारी, जिन्होंने 25 नवंबर 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा। यह आदेश सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है।

उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद के अनुसार, इस निर्णय से प्रदेश के 11,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने वाला है। वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से 22,000 से ज्यादा कर्मचारी तैनात हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

कर्मचारी वर्षों से नियमितीकरण, समान वेतन, और महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे। इस मामले में एक जनहित याचिका पर Uttarakhand High Court ने 12 नवंबर 2018 को आदेश दिया था कि कर्मचारियों को एक वर्ष के भीतर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतनमान के साथ महंगाई भत्ता प्रदान किया जाए।

हालांकि सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए Supreme Court of India में SLP दायर की, लेकिन वह खारिज हो गई। इसके बाद राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल की उपसमिति का गठन किया, जिसकी सिफारिशों के आधार पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

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12 नवंबर 2018 होगी पात्रता की कट-ऑफ डेट

शासन सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित उपनल कार्मिक जिस पद पर कार्यरत हैं, उन्हें उसी पद के अनुसार न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए 12 नवंबर 2018 को पात्रता की अंतिम तिथि (Cut-off Date) माना जाएगा।

चरणबद्ध तरीके से मिलेगा लाभ

राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इन लाभों को फेज-वाइज लागू किया जाएगा। साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में उपनल का उपयोग केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़ी सरकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। ये सेवाएं पूरी तरह अस्थायी और निर्धारित अवधि वाली होंगी।

विभिन्न स्तरों का संभावित वेतनमान

समान वेतन लागू होने के बाद कर्मचारियों का मानदेय काफी बढ़ेगा। नीचे स्तरवार अनुमानित वेतन संरचना दी गई है:

लेवल बेसिक पे (₹) महंगाई भत्ता 58% (₹) कुल मानदेय (₹)
10 (अधिकारी) 56,000 32,480 88,480
07 (उच्च कुशल) 44,900 26,042 70,942
04 (कुशल) 25,500 14,790 40,290
02 (अर्द्धकुशल) 19,900 11,542 31,442
01 (अकुशल) 18,000 10,440 28,440

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उपनल कर्मियों के लिए यह आदेश एक बड़ी राहत की तरह है। लंबे समय से समान वेतन और नौकरी की स्थिरता की मांग कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के इस निर्णय से अब उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार देखने को मिलेगा।

UPNL समान वेतन से जुड़े जरुरी सवाल

1. उत्तराखंड में UPNL कर्मचारियों को समान वेतन देने का मुख्य आधार क्या है?

सरकार ने समान वेतन देने का निर्णय Uttarakhand High Court के 12 नवंबर 2018 के आदेश के आधार पर लिया है। कोर्ट ने कहा था कि उपनल कर्मियों को उनके पद के अनुरूप न्यूनतम वेतनमान + महंगाई भत्ता मिलना चाहिए।
साथ ही, जिन कर्मचारियों ने 25 नवंबर 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, वे इस लाभ के पात्र होंगे।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Supreme Court of India ने भी राज्य की SLP खारिज कर हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था।

2. इस फैसले से कितने UPNL कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने वाला है?

उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में उपनल के माध्यम से 22,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
इनमें से करीब 11,000+ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने 10 साल की सेवा पूरी कर ली है और समान वेतन योजना का लाभ सीधा इन्हीं को मिलेगा।
ये कर्मचारी स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, सचिवालय, तकनीकी सेवाओं, सुरक्षा समेत 30 से अधिक विभागों में कार्यरत हैं।

3. नए वेतनमान के अनुसार किस स्तर पर कितना वेतन मिलेगा?

सरकार द्वारा जारी वेतन संरचना इस प्रकार है:

  1. लेवल 10 (अधिकारी वर्ग)

    1. बेसिक: ₹56,000

    2. DA 58%: ₹32,480

    3. कुल: ₹88,480

  2. लेवल 07 (उच्च कुशल)

    1. कुल मानदेय: ₹70,942

  3. लेवल 04 (कुशल)

    1. कुल मानदेय: ₹40,290

  4. लेवल 02 (अर्द्धकुशल)

    1. कुल मानदेय: ₹31,442

  5. लेवल 01 (अकुशल)

    1. कुल मानदेय: ₹28,440

यह वेतन उनकी वर्तमान कार्य-प्रोफ़ाइल और विभागीय पद के अनुसार दिया जाएगा।

4. क्या यह वेतन वृद्धि तुरंत लागू होगी या चरणबद्ध तरीके से?

शासन ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ तुरंत लागू माना जाएगा, लेकिन भुगतान और फॉलोअप चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
कारण:

  1. राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति।

  2. विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में उपनल कर्मियों की तैनाती बजट का चरणबद्ध प्रबंधन।

इसका मतलब है कि सभी विभागों में यह लागू होगा, लेकिन बैच/फेज़ के अनुसार।

5. भविष्य में UPNL की भूमिका और भर्तियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

नए आदेश में यह भी साफ किया गया है कि आगे से UPNL का उपयोग मुख्य रूप से पूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा।

  1. भविष्य में उपनल के माध्यम से होने वाली नियुक्तियाँ अस्थायी एवं सीमित अवधि की होंगी।

  2. गैर-पूर्व सैनिकों की बड़ी संख्या में होने वाली भर्तियों पर नियंत्रण रहेगा।

  3. सरकार का उद्देश्य है कि उपनल अपने मूल उद्देश्य—पूर्व सैनिक कल्याण—पर फोकस करे।

Deepak Gupta

दीपक गुप्ता पिछले 4 वर्षों से शिक्षा और रोज़गार विषयों पर लेखन कर रहे हैं। उनके लेख युवाओं को करियर और अवसरों से जुड़ी सही जानकारी प्रदान करते हैं।

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