तकरीबन 150 वर्ष से चली आ रही रावण के इस मंदिर के प्रति आस्था कानपुर के निवासियों में गहरी होती चली आ रही है। दशानन मंदिर के दर्शन करने वालो का उद्देश्य प्रमुखतः रावण के पांडित्य और ज्ञानदर्शन एवं शिव भक्ती की पूजा आत्मसात करना है।
दशानन मंदिर कानपुर : कानपुर के शिवाला क्षेत्र में स्थित दशानन मंदिर रावण को समर्पित विश्व का एकमात्र मंदिर है। यह मंदिर करीब 150 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इस मंदिर में दर्शन करने वाले मुख्य रूप से रावण के पांडित्य, ज्ञान दर्शन और शिव भक्ति का अनुभव लेने आते हैं।
दशानन मंदिर का इतिहास
दशानन मंदिर की स्थापना सन् 1868 में पंडित श्री गुरु प्रसाद शुक्ला द्वारा की गई थी।
शिवाला इलाके में यह मंदिर शिव मंदिर और दश महाविद्या मंदिर के संकुल का हिस्सा है।
मंदिर का नाम रावण के दस सिरों वाले रूप “दशानन” से रखा गया है। अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण का जन्मदिवस और प्रभु श्रीराम के हाथों उनकी मृत्यु दिवस मनाया जाता है।
दशानन मंदिर कब खुलता है?
मंदिर वर्ष में केवल दशहरे के दिन खुलता है।
सुबह 6 बजे: मंदिर के पट खोले जाते हैं और रावण का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
पूजा और आरती: विधिवत अभिषेक और आरती की जाती है।
रात 8 बजे: मंदिर अगले दशहरे तक बंद कर दिया जाता है।
रावण की पूजा क्यों की जाती है
श्रद्धालु रावण की पूजा इस कारण करते हैं कि वे उन्हें ज्ञानवान और पांडित्य का प्रतीक मानते हैं।
सुहागिनें पति की लंबी आयु की कामना के लिए आती हैं।
अधिकतर लोग रावण जैसे ज्ञानवान बनने का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं।
- विशेष भेंट: सरसों के तेल का दिया और तरोई का फूल।
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कैसे पहुँचे दशानन मंदिर
कानपुर रेलवे स्टेशन से दूरी: लगभग 5 किलोमीटर
शिवाला क्षेत्र तक मार्ग: हलसी रोड या मॉल रोड से मात्र 20 मिनट
देश के सभी प्रमुख शहरों से कानपुर का अच्छा संपर्क है।
- प्राइवेट कैब या सरकारी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: दशानन मंदिर कानपुर कहाँ स्थित है?
A1: यह कानपुर के शिवाला क्षेत्र में स्थित है, जो रावण को समर्पित विश्व का एकमात्र मंदिर माना जाता है।
Q2: दशानन मंदिर कब खुलता है?
A2: यह मंदिर वर्ष में केवल एक बार दशहरे के दिन खुलता है। सुबह 6 बजे पूजा होती है और रात 8 बजे मंदिर बंद कर दिया जाता है।
Q3: रावण की पूजा क्यों की जाती है?
A3: श्रद्धालु रावण के पांडित्य, ज्ञान और शिव भक्ति से प्रेरणा लेकर उनकी पूजा करते हैं।
Q4: दशानन मंदिर तक कैसे पहुँचा जा सकता है?
A4: कानपुर रेलवे स्टेशन से मंदिर लगभग 5 किमी दूर है। हलसी रोड या मॉल रोड से मात्र 20 मिनट में पहुँचा जा सकता है।












