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नई सीबीएसई नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क से बदल जायेगा छात्रों का हाल, जानिये कुछ खास।

On: March 27, 2024 5:48 PM
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सीबीएसई बोर्ड का नया सत्र आगामी अप्रैल से शुरू होने वाला है. सीबीएसई बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 से कई नहीं बदलाव किए हैं. सीबीएसई अगले शैक्षणिक सत्र से 6वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए एक नई प्रणाली लागू करेगी, सीबीएसई नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क की एक गाइडलाइन भी जारी कर चुका है ।. यह फ्रेमवर्क शिक्षा में गतिशीलता, उपयोगिता और बदलाव लाने के लिए किया गया है. इसके लिए केंद्र सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था जिसका मकसद स्कूल से उच्च शिक्षा तक एक एकीकृत क्रेडिट संचय और हस्तांतरण ढांचा तैयार करना है, जिसके अंतर्गत छात्रों को शैक्षणिक और स्किल विषयों में क्रेडिट प्वाइंट्स दिया जाना शामिल है. वैसे तो ये फ्रेमवर्क सभी कक्षाओं के लिए है, लेकिन इसे खासतौर पर 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए तैयार किया गया है.
सीबीएसई बोर्ड के वर्तमान निर्देशक डॉ. विश्वजीत साहा ने इस संबंध में सभी सरकारी अर्द्ध सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को दिशा-निर्देश भेजे हैं. जिसके अंतर्गत एक क्रेडिट हर हफ्ते एक घंटे के शिक्षण या दो घंटे के प्रैक्टिकल कार्य के बराबर होगा. एक क्रेडिट प्वाइंट का मतबल 15 घंटे की थ्योरी के लिए जबकि एक क्रेडिट प्वाइंट 30 घंटे की थ्योरी-प्रैक्टिकल दोनों के लिए होगा. छात्रों को एक साल में मिनिमम 1200 घंटे की पढ़ाई के लिए 40 क्रेडिट अंक दिए जाएंगे . जो कि उनके क्लास के घंटे के हिसाब से तय किए जाएंगे ।

सीबीएसई कक्षा 6 से 8वीं के लिए फ्रेमवर्क

इस फ्रेमवर्क के अनुसार कक्षा 6 से 8 के छात्रों को भी वोकेशनल कोर्स में भी क्रेडिट प्वाइंट दिए जाएंगे. खासकर 10वीं-12वीं बोर्ड में छठा और सातवां विषय रखने वाले छात्रों को इसका अलग-अलग लाभ मिलेगा जो उनके भविष्य के लिए एक अच्छा विकल्प रहेगा

सीबीएसई कक्षा 11वीं-12वीं

इसके अनुसार कक्षा 11वीं-12वीं के छात्र 7 विषयों के लिए 40-47 क्रेडिट अंक ले सकेंगे. इसमें लैंग्वेज 1 और लैंग्वेज 2 के लिए 180-180 घंटे सुनिश्चित किए गए हैं जिसके लिए 6-6 क्रेडिट अंक मिलेंगे. वहीं 3, से 7 विषय, प्रत्येक के लिए 210 घंटे निर्धारित किये हैं और प्रत्येक के लिए 7-7 क्रेडिट अंक निर्धारित है. सीबीएसई स्कूल आर्गेनाइजेशन के सचिव सतीश कुमार झा ने कहा कि बोर्ड के इतिहास में क्रेडिट प्वाइंट पहली बार लागू किया जा रहा है. इससे बच्चों को इंटरमीडिएट के बाद हायर एजुकेशन में इनरॉलमेंट में भी फायदा होगा, जहां उन्हें इस क्रेडिट पर अतिरिक्त वेटेज मिलेगा. कक्षा 9 और 10 के सभी सब्जेक्ट्स के लिए कुल 40 क्रेडिट होंगे.

तीन भाषाओं के लिए 4-4 क्रेडिट फ्रेमवर्क

एनसीआरएफ के तहत भाषा विषय के लिए तीन अलग-अलग भाषाओं के लिए 120-120 घंटे होंगे और तय अनुसार 4-4 क्रेडिट मिलेंगे. जबकि गणित, विज्ञान और समाजिक विज्ञान विषय के लिए 150 घंटे निर्धारित है जिसमें क्रेडिट अंक 5 निर्धारित है. इसके अलावा अंतःविषय क्षेत्र के अंतर्गत एनवायरनमेंट शिक्षा में 4 क्रेडिट अंक के लिए 120 घंटे, प्रोफेशनल एजुकेशन से जुड़े स्किल विषयों में 150 घंटे होंगे जिसके लिए 5 क्रेडिट अंक दिए जाएंगे. वहीं फिजिकल एजुकेशन, वेल बीइंग और आर्ट एजुकेशन में 60 घंटे तय किए गए हैं, जिस पर 2 क्रेडिट अंक दिए जाना सुनिश्चित हुआ है।

Vikram Singh

मनोरंजन और नई ख़बरों में रुचि रखने वाले विक्रम सिंह पाठकों तक ताज़ा अपडेट्स और रोचक जानकारी पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। फिल्म, संगीत, वेब सीरीज़ और सेलिब्रिटी लाइफ़स्टाइल की खबरें सरल और आकर्षक अंदाज़ में पेश करना इनकी ख़ासियत है।

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