---Advertisement---

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए? कारण सहित पूरी जानकारी

On: December 21, 2025 7:31 PM
Follow Us:
shivling par kya nahi chadhana chahiye
---Advertisement---

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए—यह सवाल हमेशा भक्तों के मन में रहता है, क्योंकि शिव उपासना सरल है लेकिन उसके कुछ खास नियम भी बताए गए हैं।
हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा, आक, दूध और प्रसाद चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ ऐसी वस्तुएँ भी हैं जिन्हें कभी भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
इन निषेधों का संबंध केवल परंपरा से नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, तंत्र-शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। गलत वस्तु चढ़ाने से न सिर्फ पूजा का फल कम होता है, बल्कि कई मामलों में उल्टा परिणाम भी मिल सकता है।

आइए जानते हैं — शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए ? और क्यों?

1. हल्दी (Turmeric) — कभी नहीं चढ़ाई जाती

हल्दी को देवी की शक्ति माना जाता है। यह उत्पत्ति और समृद्धि की प्रतीक है, जबकि भगवान शिव “विनाश” और “संहार” के अधिष्ठाता हैं।
इसलिए हल्दी की ऊर्जा शिव तत्व से मेल नहीं खाती।

कारण:

  1. हल्दी वर्षा और वृद्धि का प्रतीक है।
  2. शिव वैराग्य और संहार के प्रतीक हैं।
  3. शास्त्रों में हल्दी का प्रयोग देवी पूजा में बताया गया है, इसलिए शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना वर्जित माना गया है।

2. सिंदूर (Vermilion) — शिव को स्वीकार नहीं

सिंदूर विवाहित स्त्री और सौभाग्य का प्रतीक है।
लेकिन शिव तपस्वी हैं, और उनका स्वरूप अर्धनारीश्वर है, जहाँ ऊर्जाएं संतुलित रहती हैं।

कारण:

  1. सिंदूर सौभाग्य और स्त्री-ऊर्जा का द्योतक है।
  2. शिवलिंग पुरुष-ऊर्जा का प्रतीक।
  3. दोनों ऊर्जाओं का मेल पूजा-विधि के अनुसार उचित नहीं

इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाना निषिद्ध है।

3. नारियल पानी — शिवलिंग को ताप देता है

नारियल भगवान विष्णु को प्रिय माना गया है, और नारियल का पानी प्रकृति में गरम तासीर वाला होता है।

कारण:

  1. इससे शिवलिंग पर गर्माहट बढ़ सकती है।
  2. आगम शास्त्र में इसे मनाही बताया गया है

केवल नारियल अर्पित किया जा सकता है, पर उसका पानी शिवलिंग पर नहीं चढ़ेगा।

4. तिल का तेल या कोई भी सरसों/रिफाइंड तेल

शिवलिंग पर सिर्फ जल, पंचामृत या गंगाजल अर्पित किया जाता है।
तेल को तामसिक माना गया है और इसका उपयोग मुख्य रूप से शनि-पूजा में होता है।

कारण:

  1. शिवलिंग पर तेल चढ़ाने से उसकी ऊर्जात्मक प्रकृति प्रभावित होती है।
  2. तेल पवित्र नहीं माना जाता।
  3. देव पूजन में तेल का उपयोग सीमित है

इसलिए घी भी बहुत कम ही उपयोग होता है, और वह भी केवल अभिषेक में, सीधे शिवलिंग पर नहीं।

5. दूषित, बासी या स्पर्श से अपवित्र चीजें

यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है।

क्या नहीं चढ़ाना चाहिए:

  1. रातभर रखा पानी।
  2. बासी फूल।
  3. मुर्झाए हुए बेलपत्र।
  4. चबा हुआ प्रसाद।
  5. किसी के पैरों से स्पर्श हुआ जल

कारण:

शिव “पवित्रता और सरलता” के देव हैं।
अशुद्ध वस्तु से पूजा स्वीकार नहीं मानी जाती।

6. केतकी का फूल (Pandanus Flower)

केतकी पुष्प अपनी तेज़ सुगंध के लिए जाना जाता है, लेकिन शिव पूजा में यह पूर्णतः निषिद्ध है।

पौराणिक कारण:

एक कथा के अनुसार बृहस्पति रचित स्तुति में केतकी पुष्प ने झूठी गवाही दी थी।
इससे शिव क्रोधित हुए और उन्होंने कहा —
“केतकी का फूल मेरी पूजा में कभी स्वीकार नहीं होगा।”

7. कमल गट्टा (Lotus Seeds)

हिंदी धर्म में कमल गट्टा लक्ष्मी जी को अर्पित किए जाते हैं। यह धन और वैभव का प्रतीक है।

कारण:

  1. शिव त्याग और विरक्ति के देव हैं।
  2. कमल गट्टा रजोगुण को बढ़ाता है।
  3. यह पूजा में ऊर्जात्मक संतुलन बिगाड़ सकता है

इसलिए इसे शिवलिंग पर चढ़ाना उचित नहीं।

8. लाल फूल — विशेषकर लाल चंपा और लाल गुलाब

शिव पूजा में सफेद फूल सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं।

कारण:

  1. लाल रंग राग (इच्छा, क्रोध) का प्रतीक है।
  2. शिव शांत और निर्वैर स्वरूप के देव।
  3. तंत्र-अनुशासन में लाल रंग को देवी पूजा से जोड़ा जाता है

इसलिए लाल फूल शिवलिंग पर चढ़ाना निषिद्ध है।

निष्कर्ष

भगवान शिव अत्यंत सरल और भाव के भूखे हैं।
लेकिन पूजा-विधान के नियम मानने से पूजा अधिक फलदायी होती है।

शिवलिंग पर इन चीजों को कभी न चढ़ाएँ:

  1. हल्दी
  2. सिंदूर
  3. नारियल पानी
  4. तेल
  5. अपवित्र / बासी वस्तु
  6. केतकी फूल
  7. कमल गट्टा
  8. लाल फूल।

शिवलिंग पर चढ़ाने योग्य वस्तुएँ हैं — जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल और शुद्ध मन। 

FAQs 

1. शिवलिंग पर हल्दी क्यों नहीं चढ़ाई जाती?

हल्दी स्त्री-ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है, जबकि भगवान शिव विरक्ति और संहार के देव हैं। इस ऊर्जा-विरोध के कारण शास्त्रों में शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना उचित नहीं माना गया है।

2.  शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाना गलत क्यों है?

सिंदूर सौभाग्य और सुहाग का प्रतीक है। शिव तपस्वी और विरक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाना पूरी तरह वर्जित है।

3.  शिवलिंग पर नारियल पानी क्यों नहीं चढ़ाते?

नारियल पानी गर्म तासीर वाला माना जाता है। आगम शास्त्रों के अनुसार गर्म तासीर की वस्तुएँ शिवलिंग पर अर्पित नहीं की जानी चाहिए।

4.  शिवलिंग पर लाल फूल क्यों नहीं चढ़ाते?

लाल रंग राग, क्रोध और तामसिक प्रवृत्ति का प्रतीक है। इसलिए शिव पूजा के लिए सफेद, नीले या बैंगनी फूल सर्वोत्तम माने जाते हैं।

5.  क्या शिवलिंग पर तेल चढ़ाना चाहिए?

नहीं। तेल तामसिक गुण वाला माना गया है। शास्त्रों में स्पष्ट लिखा है कि शिवलिंग पर किसी भी प्रकार का तेल अर्पित नहीं किया जाता।

आप यहाँ “भगवान नरसिंह की पूजा करने से होते है ये खास लाभ जानिये”  भी पढ़ सकते हैं। 

Astro Yogi Negi

एस्ट्रो योगी नेगी पिछले 5 वर्षों से आस्था, ज्योतिष और धर्म विषयों पर शोध-आधारित लेखन कर रहे हैं। उनके लेख पाठकों को तथ्यपूर्ण और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now
 

Leave a Comment